मेरी जिंदगी ...
तारीख -26/3/2003 जगह-दिल्ली का एक छोटा सा गांव "बवाना"
इस कहानी की शुरुआत होती है एक छोटे से परिवार से... जिसमें आज ही के दिन एक लड़की का जनम होने वाला था। और ये सारी कहानी उस लड़की और उसके पारिवारिक जीवन के बारे में है। इस घर में इस लड़की की एक दादी और एक दादा ,एक चाचा और एक चाची,एक बुआ,ओर उसके माता-पिता और उसके बड़े भाई के साथ रहते थे । और आज के दिन इस लड़की का जनम हुआ जिसका नाम सब ने मिलकर मुस्कान रखा। उनके घर में पैदा होने वाली ये पहली लड़की थी। हालांकि ये बात सच है कि जब इस लड़की का जनम होने वाला था उससे पहले ही इस लड़की का सौदा हो चुका था। एक बच्ची जो अभी तक पैदा भी नहीं हुई थीं। उससे पहले ही उसके आने वाली जिंदगी का फैसला कर दिया गया था। दरअसल बात कुछ समय पहले की है जब उस लड़की के जनम से पहले यह बाते चल रही थी कि लड़कियां घर परिवार की इजात होती है लेकिन वह बाप की इज्जत को खराब कर देती है और ऐसा इसलिए कहा जा रहा था क्योंकि उन दिनों उस इलाके की बहुत सी लड़कियों ने भाग कर शादी की थी जिस उनके परिवार की इज्जत खराब हुई। और इसी के कारण उस लड़की के माता पिता भी थी अब सोच कर काफी डर चुके थे । और जब इस बात का पता उस लड़की की मोसी को चला तब वह गुस्से में आई , और बोली"बहन अगर तुझे लड़की नहीं चाहिए तो कोई बात नहीं मेरे पास 5 बेटे हैं लेकिन एक भी बेटी नहीं है तो अगर तुझे लड़की नहीं चाहिए तो तू अपनी बेटी मुझे दे देना ।में उसे मां बन कर पालूंगी। सारी बाते तय हो चुकी थी और अब लोग इस बात के लिए मान चुके थे। आखिरकार फिर वो दिन आया उस लड़की के जनम का दिन हर किसी को बेसब्री से इंतजार था बच्चे के होने का... रविवार का दिन था , सुबह के 10 बजे थे... और जैसे ही उस बच्ची का जनम हुआ उसके पिता का इरादा बदल गया ।। और उन्होंने जैसे ही उस बच्ची की हँसी देखी उन्होंने दुनिया की सभी खामियों को भूला कर उस बच्ची को ख़ुशी खुशी अपना लिया।।
hema mohril
26-Mar-2025 05:15 AM
awesome
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